Tuesday, December 6, 2016

इस्लाम – एक झूठा और एक सच्चा


दुनिया  1400 वर्षों से दाढ़ी और परदे का झूठा इस्लाम है जो मुसलमानों ने खुद गढ़ा है – कुरान में न दाढ़ी का हुक्म है , न खतने का और न यह कि बिना नामहरम मर्द रिश्तेदार के कोई औरत घर के बाहर क़दम न निकले पर हर इस्लामिक मुल्क में यही इस्लाम चल रहा है जो मजहब नहीं फासिज्म है – एक ruling elite जो दौलत और एश की ज़िन्दगी जी रही है ग़ैर मुस्लिम मुल्कों लोगों के साथ मिलजुल कर रह रही है और दूसरे masses जिन्हें दाढ़ी पर्दा मस्जिदों में 5 वक्त कि नमाज़ में ढकेल दिया गया है और जिनके दिमाग और अहसासात को मफ्लूज कर दिया गया है I
  इस इस्लाम के मानने वाले जब 1000 वर्ष पूर्व भारत आये तो न उन्हें ऊंच नीच दिखी  न सती प्रथा न देवदासी प्रथा और न बच्चों की बलि और जब अंग्रेजों ने इनका तख्ता पलटा तब उन्होंने कानून के आगे सब को बराबर किया और सारी अमानवीय प्रथाओं पर रोक लगायी I ऐसे ही मुसलमान Blacks गुलामों कि तस्करी करते रहे ऐसे ही मुसलमान समुन्द्र के spice trade    ships की piracy करते थे जिसे ब्रिटेन ने रोका I
यह मुसलमान दुनिया भर में ताक़त और हिंसा और US और यूरोप में बने हथियारों और जहाजों से पूरी दुनिया जीतना चाहते हैं I  ऐसे लोग इसके इलावा किया करेंगे जो अल कायदा , तालिबान और दायेश कर रहे हैं – बेगुनाहों को मारना और इनके साथ भी वही होगा जो Palestine और Mayanmar में हो रहा है – यह बेगुनाहों को मारेंगे और इनके बेगुनाहों को दूसरे मारेंगे और एक दिन दुनिया इनसे पाक होजाएगी या ज़िल्लत कि मर खा कर ख़ामोशी से छुप के रहेंगे I

दूसरा इस्लाम – सच्चा इस्लाम जो कुरान में है जिसको मुसलमान नहीं मानते
1 दुनिया के सारे इंसान एक माँ बाप कि संतान हैं : ऐसे सच्चे मुसलमान भारत में शूद्र आदिवासी और दलित को बराबरी दिलाने और अन्याय ख़त्म करने के लिए उनका साथ देंगेI  ऐसे सच्चे मुसलमान अपने लिए कोई चीज़ जैसे कि आरक्षण की मांग नहीं करेंगे बल्कि 90 प्रतिशत आरक्षण शूद्र आदिवासी और दलित को दिलाने की बात करेंगे I   ऐसे मुसलमान US और यूरोप में Blacks को न्याय दिलाने की बात करेंगे I  ऐसे मुसलमान US में Native Americans को उनका हक दिलाने की बात करेंगे I कितने इंसान बेगुनाह या मामूली बात पर जेलों पागल खानों प्रोटेक्शन homes में सड़ रहे हैं उन्हें आजाद करने की बात करेंगे I कितने इंसान गुलामी और बंधुआ मजदूरी कर रहे हैं उन्हें आजाद करने की बात करेंगे  कितने बच्चे औरतें यौन शोषण और देह व्यापर पोर्नोग्राफी के लिए मजबूर हैं उन्हें आजाद करने की बात करेंगे I    
2 सारी कायनात अल्लाह की है
इस सच्चे इस्लाम को मानने वाले यह समझते है कि इंसानों को प्राकृतिक सम्पदा को लूटने का कोई हक नहीं है I इंसानों को प्रदूषण करने का कोई हक नहीं है I और इंसानों को weapons of mass destruction बनाने इस्तेमाल करने का कोई हक नहीं है न प्रकृति के खिलाफ कोई प्रयोग करने का कोई हक है I

जब दुनिया इस सच्चे इस्लाम पर आएगी तो न अन्याय होगा न oil minerals कि लूट होगी और न प्रदूषण होगा न नुक्लेअर खतरा होगा I
जिस दुनिया में सब लोग एक माँ बाप कि संतान हैं वहां हर बच्चा अपनी रूचि और योग्यता कि लाइन में आगे बढ़ने के सारे अवसर पायेगा और हर लड़का लड़की आपसी पसंद से शादी के लिए स्वतंत्र रहेंगे I

आइये ऐसा देश ऐसी दुनिया बनाएं I 

Sunday, December 4, 2016

आइये एक नए भारत का निर्माण करें

सभी भाई जो मानवतावाद मानते हैं आइये मिल कर एक नए भारत का निर्माण करें
1000 वर्ष पूर्व आने वालों ने यहाँ रहने वालों  को हिन्दू कहा तो आज भी हम मान लेते हैं कि हम सब हिन्दू हैं संविधान ने देश का नाम भारत और India लिखा है इसलिए हम भारतीय Indian हैं
जो तुर्क  मुग़ल अँगरेज़ आये थे वह लौट गए और उनकी संतान यहीं कि स्त्रियों से पैदा हुयीं और अगर पहली पीढ़ी में वे अपनी स्त्रियाँ लेकर आये भी तो अगली पीढ़ी के संतान यहीं कि स्त्रियों से हुईं   तो हम सब भारत कि नारियों की संतान हैं हम सब भारत कि माताओं कि संतान हैं हम सब भारत माता कि संतान हैं
अगर तुर्क, मुग़ल और अँगरेज़ न आये होते तो क्या स्थिति होती ? वही 10 प्रतिशत सत्ता और संपत्ति के मालिक होते और करीब 55 प्रतिशत नगरों में गुलामी कर रहे होते और 35 प्रतिशत नगरों से बाहर अनार्य होते
या समय के साथ कभी क्रांति होती और वह 10 प्रतिशत सत्ताच्युत कर दिए जाते मार दिए जाते या देश छोड़ कर चले जाते
तुर्क मुग़ल और अंग्रेजों के प्रभाव में धर्म परिवर्तन करने से समस्या समाप्त नहीं हो गयी बल्कि छुप गयी और आज भी 10 प्रतिशत सत्ता संपत्ति के मालिक हैं और बाक़ी 55 प्रतिशत और 35 प्रतिशत उसी हाल में हैं धर्म का मुखोटा चाहे जो भी हो
हमें न धर्म से लड़ना है और न जाति से उन जातियों या परिवारों से भी नहीं दुश्मनी करनी है जो 5000 वर्षों से आज तक मनुवाद का झंडा उठाये हुए हैं  क्यूंकि धर्म और जाति छाया हैं और हमे छाया से नहीं लड़ना है
हमे पूरे भारत में स्वतंत्रता  समता और बंधुत्व लाना है और इसलिए सभी धर्म और जाति के मानवतावादी लोगों से एक जुट होने की अपील है
भारत नगरों में है और ग्रामों में है
नगरों में जो भी उद्योग व्यापर और सेवा कम्पनियाँ हैं वह जिनकी हैं वह अपने उद्योग व्यापर सेवा कंपनियों के बड़ी या छोटी के चीफ एग्जीक्यूटिव , मेनेजर  डायरेक्टर या ट्रस्टी हैं पर स्वामित्व सरकार ( जनता ) का है  जब इन्हें ज़रुरत पड़ती है सरकार ( जनता ) इन्हें कर्जा देती है , कर्जा माफ़ करती है ज़ाहिर है मालिक सरकार ( जनता ) है  यह अपना मुनाफा लेते रहे हैं टैक्स देते रहें प्रदूषण या कोई जन विरोधी कार्य करने पर दंड के भागी होंगे  उद्योग व्यापर और सेवा कम्पनियाँ बड़ी या छोटी  देश की वास्तव में बड़ी सेवा कर रहीं है चीजें बना कर और सेवाएं प्रदान कर के और साथ ही अनेक भाई बहनों को रोज़गार प्रदान कर रही हैं
इसी प्रकार गाँव में सारे खेत और उद्योग बड़े या छोटे जिनके हैं वे इनके ट्रस्टी हैं और स्वामित्व सरकार ( जनता ) का है सरकार इन्हें आर्थिक सहायता देगी , बीज देगी खाद देगी सिंचाई के साधन देगी ट्रेक्टर देगी इसी प्रकार उद्योग पशुपालन और कुटीर उद्योग के लिए सहायता देगी
किसानो से क़र्ज़ वसूली नहीं होगी जिस तरह उद्योगपतियों के क़र्ज़ माफ़ वैसे ही किसानों के क़र्ज़ माफ़  जिस तरह उद्योग व्यापर और सेवा कम्पनियाँ देश की सेवा  कर रही हैं उसी प्रकार और उससे बड़ी सेवा किसान कर रहे हैं
जिन राजनीतिज्ञों  अधिकारियों के पास बिना उद्योग व्यापर सेवा कृषि के बिना अपार संपत्ति है वह सरकार ( जनता ) ले लेगी क्यूंकि यह सरकार ( जनता ) का है और इसी प्रकार मंदिरों में जो अपार संपत्ति है वह सरकार ( जनता ) की है और उसमें से कुछ सरकार ( जनता )ले लेगी और इस धन से गाँव के परिवारों का कल्याण किया जायेगा उन्हें स्वतंत्रता समता और बंधुत्व प्रदान किया जाएगा उनकी ग़रीबी और अपमान को समाप्त किया जायेगा
हर गाँव में ग्रामवासी एक स्त्री को अपना कल्याण मंत्री चुनेंगे और यह स्त्री गाँव के हर परिवार के लिए जिस चीज़ कि आवश्यकता है – कृषि या उद्योग के लिए इसका आकलन करेगी
जिस तरह मैनेजमेंट का डिप्लोमा होता है वैसे ही हाईस्कूल के बाद ग्रामीण क्षेत्र के लड़के लड़कियों को 4 वर्ष का डेवलपमेंट में डिप्लोमा कराया जाएगा
अपनी पुस्तक Mission Indian में मैंने इसका वर्णन किया है :
The boys and girls who have passed high school through State sponsored common examination may be selected on merit basis to pursue 4 years development professional graduates. Such institutes must be opened in rural and tribal area and perhaps four or five may be enough in each State. The candidates will study agriculture, sociology, veterinary medicine, medicine and community health and family planning, banking and insurance, engineering, Indian Constitution, Human Rights, and such other subjects that will make them able to develop their native Mega-village. They will be tutored with spirit of Indianness and with Human Rights values that every child should have opportunities to rise in his or her field of interest and aptitude and the right to marry person of his or her choice with mutual consent. Such development graduates will bring out all round development in their Mega village from opening of cottage industries, banking, insurance, opening of schools and health centres, alternative energy sources, safe water supply, construction of toilets and so on.
      इन लड़के लड़कियों को ब्लाक में नियुक्त किया जायेगा Assistant Village Development Officer के रूप में हर एक को 5 गाँव एलाट किये जायेंगे इस प्रकार सप्ताह में एक बार एक गाँव में जा कर वहां की कल्याण मंत्री की सहायता करेंगे और डेटाबेस तयार करेंगे और ऑनलाइन हर परिवार के लिए किये गए उपाय दर्ज करेंगे  एक ब्लाक में अगर 100 गाँव हैं तो ऐसे 20 लड़के लड़कियां हर ब्लाक में नियुक्त किये जायेंगे और फिर समय के साथ यह ब्लाक के Village Development Officer और फिर जिले के District Village Development Officer बनेंगे गाँव के कल्याण मंत्री से लेकर ऊपर तक direct fund ट्रान्सफर राज्य सरकार करेगी
हर गाँव में बिजली सड़क पानी पहुंचेगा और सभी को सचेत कर दिया जायेगा कि किसी ग्रामवासी के साथ ऊंच नीच और अपमान करने पर कठोर सजा और गाँव से निष्कासन कर दिया जाएगा
सुरक्षा सम्मान पुलिस भी गठित कि जाएगी  स्वेच्छा से कि गयी शादी का विरोध करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी और ऐसा भारत जहाँ हर स्त्री पुरुष समान हैं यथार्थ किया जाएगा