Tuesday, February 28, 2017

कृपया भ्रमित न हों !


(क)  न इंडिया में
सत्य को पहचानें – सत्य यह है कि हम सब इंसान हैं और इंडिया के वे सभी दबे कुचले लोग भी इंसान हैं और यह दबे कुचले लोग जन संख्या में अधिक हैं और धीरे धीरे जाग रहे हैं, उठ खड़े हो रहे हैं और यही सब सोच कर मनुवादी थर थर काँप रहे हैं रातों की नींद हराम है – नशा , सेक्स और हिंसा उन्हें थोड़ा सुला पाती है I
लोगों को भ्रमित रखने के लिए तरह तरह के नाटक करने पड़ते हैं ताकि दबे कुचलों का संघर्ष दिशा से विचलित किया जा सके – गौ मांस , नोट बंदी सब ऐसे ही तमाशे थे जिन्हें सोशल मीडिया ने पूरा खोल दिया कि कैसे गौ मांस का निर्यात करने वाले और जाली नोट और नए नोट रखने वाले भी वही लोग थे जो इस को मुद्दा बनाए हुए थे I
अब एक नया ड्रामा हो रहा है – दिल्ली का एक कॉलेज- रामजस कॉलेज  , दो मुस्लिम छात्र नेता- उमर खालिद और शहला – ABVP की गुंडागर्दी , फौजी की बेटी – गुरमेहर कौर का गुंडों का विरोध, गुंडों द्वारा उसे बलात्कार की धमकी , केंद्र सरकार और मशहूर भाजपा समर्थकों द्वारा फौजी की बेटी का विरोध I
क्या केंद्र सरकार को उस लड़की को पहले सुरक्षा प्रदान नहीं करनी चाहिए और गुंडों को गिरफ्तार नहीं करना चाहिए ? क्या न्याय पालिका , मानव अधिकार आयोग , महिला आयोग को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए ? क्या राष्ट्रपति को केंद्र सरकार बर्खास्त नहीं करनी चाहिए ?
लेकिन सिर्फ शोर गुल है और बेशर्मी और ढीठपन !
असली मुद्दा क्या है ? जो सब से गरीब हैं जो अनपढ़ है जो गंदे दीखते हैं क्या उन्हें क्या आदिवासियों , दलितों और महा दलितों को हम अपना भाई समझने को तैयार हैं ? क्या उन्हें उनका अधिकार देने को तैयार हैं ?
यह है असली संघर्ष यह है evolution की चुनौती I यह युद्ध हमें पहले अपने मन में जीतना है I
क्या उमर खालिद , शहला , कन्हैया , तीस्ता सीतलवाड़ , बरखा दत्त , रविश कुमार , मायावती , मुलायम सिंह , अखिलेश , डिंपल , लालू यादव , नीतेश अपने मन में इस युद्ध को जीत चुके हैं ? या बस मनुवादियों और फस्सिस्तों के हाथ का खिलौना हैं और खुद मनुवादी और फ़ासिस्ट हैं ?
(ख)   इंडिया के बाहर
और यही संघर्ष अमेरिका में और दुनिया भर में चल रहा है         
  क्या Native Americans , Blacks , Mixed और मुस्लिम देशों में नारी को उसकी स्वतंत्रता और उनके अधिकार देने को हम तैयार हैं ? यह है असली संघर्ष यह है evolution की चुनौती I यह युद्ध हमें पहले अपने मन में जीतना है I
जब हम अपने मन में इंसान बन सकेंगे तो दुनिया भी – इंडिया और इंडिया के बाहर इंसानियत विजयी होगी और अगर हम दोगलापन करते हैं तो इंसानियत शर्मसार रहेगी I 

Friday, February 17, 2017

नकाब हटाओ , चेहरे पहचानों

ऐसा नहीं है कि दुनिया में कहीं सच्चे मुसलमान बैठे हैं और वे यह सोचते हैं कि जो लोग अल्लाह को नहीं मानते हैं – काफिर हैं या मुशरिक हैं उनको मार डालना ही जिहाद है और अल्लाह का रास्ता है I
तो सच क्या है ?
एक 14 वर्षीय लड़का बम बाँध कर गया अपने को उड़ा दिया और 70 बेक़सूर लोग एक दरगाह में मार डाले गए – लड़के को ब्रेनवाश कर दिया गया था और वह यही समझता होगा कि यह लोग जो दरगाह पर सर झुकाने आयें हैं उन्हें मार डालना और अपनी जान कुर्बान कर देना अल्लाह का पसंदीदा काम है और वह शहीद हो कर मरेगा नहीं और सीधे जन्नत पहुंचेगे और वहाँ के सारे मज़े हूरें उसे हासिल हो जायेंगी और उनसे बढ़ कर पैगम्बरों फरिश्तों की हमनशीनी I
उस नासमझ लड़के के दिमाग में यह बातें डाल कर उसे रोबोट की तरह इस्तेमाल कर लिया गया I
पर जिन लोगों ने ऐसा किया क्या वह भी इन सब बातों पर यकीन करते हैं ? दूसरों के बच्चों को तो ब्रेनवाश किया जा सकता है पर क्या अपने बच्चों को भी कोई करेगा ? ओसामा भी नहीं चाहता था कि उसके बच्चे इस रास्ते पर जाएँ I
तो फिर यह सब क्या है ? क्यों आतंकवादी हमले कराने, ह्यूमन रोबोट तैयार करने बेक़सूरों को मारने पर इतना पैसा क्यों खर्च किया जा रहा है ? क्या पुलिस फ़ौज हुकूमत की मदद के ऐसा किया जा सकता है ?
परिवार मानव समाज की हकीकत हैं और हर मुल्क में इन परिवारों के तीन  वर्ग हैं :
1 उच्च वर्ग – गोरे चिट्टे लम्बे लोग
2  मध्य वर्ग – सांवले औसत
3 निम्न वर्ग – काले कमज़ोर
इक्का दुक्का गोरे काले तो हर परिवार हर वर्ग में हो सकते हैं पर किसी भी मुल्क में जिन परिवारों ने धन और सत्ता पर क़ब्ज़ा कर लिया है वे जब बहू और दामाद लाते हैं तो गोरे लम्बे शानदार चुनते हैं और इस तरह उच्च वर्ग एक दो पीढ़ी बाद गोरे चिट्टे लम्बे लोगों से पहचाना जा सकता है यह और बात है इसी के साथ बुद्धि में कमी होती जाती है I
उच्च वर्ग को जब ऐसा लगता है कि मध्य और निम्न वर्ग के लोग जनसँख्या में बढ़ रहे हैं और रोज़गार पर क़ब्ज़ा कर रहे हैं तो यह लोग इन लोगों को मरवाने या देश से निकालने की योजना बनाते हैं I
बर्मा में जो रोहिंग्या मारे जा रहे हैं उसका कारण यह नहीं है कि वे मुसलमान हैं कारण सिर्फ यह है कि उनकी आबादी बढ़ रही है इसलिए उन्हें मारा जा रहा है I
2001 जनसँख्या रिपोर्ट के बाद ही गुजरात में नस्लकशी का प्रयोग किया गया I
पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में ऐसे ही बहुत से निम्न वर्गीय लोग हैं जो मुसलमान हो गए या इसाई हो गए उन्हें ही मारना मकसद है और उनके संहार से UN तक किसी को फर्क नहीं पड़ता कहीं भी UN forces नहीं जाने वाली हैं I
ज़रुरत है सभी मानवतावादी लोगों दबे कुचले लोगों को एक जुट हो कर न्याय व्यवस्था लागू करने की राष्ट्र युग ख़त्म होने को है एक विश्व बनाने विश्व नागरिक बनने की ज़रुरत है I

Saturday, February 4, 2017

मायावती कितनी मुस्लिम हितेषी ?

S R Darapuri जी का लेख ‘ मायावती कितनी मुस्लिम हितेषी ’ विश्वसनीय सूचनाएं प्रदान करता हैं जिसमें मायावती शासन काल में संदिग्ध मुस्लिम युवकों को जेल भेजा गया और मनुवादी आतंकवादियों के प्रति नर्म रवैय्या रखा गया I यह सब अत्यंत दुखद है किन्तु सच्चाई इससे भी गहरी है और जो SC, ST और मुस्लिम मायावती विरोधी हैं उन्हें समझना ज़रूरी है I
मनुवादी – कांग्रेस, भाजपा और अखिलेश वाली सपा मुस्लिम विरोधी क्यों हैं ? यह सब यथार्थ में SC/ST (दलित) विरोधी हैं I 1946 की संविधान सभा से ले कर आज तक मुस्लिम मुद्दों को केवल इसलिए खड़ा किया जाता रहा है कि  SC/ST (दलित)  को परतंत्र रखा जा सके और जिन्नाह को इसी लिए उचकाया गया और देश को विभाजित तक कर दिया गया  I
हर मुस्लिम युवक को कट्टर और आतंकी बनाया जा सकता है और मौलवी बस यही बना रहे हैं – न शिक्षा न रोज़गार न विवाह परिवार – लाखों ऐसे युवक हैं जो दाढ़ी बढाए रात दिन सड़कों गलियों पर मिलेंगे जिन्हें संघ केर निर्देशों पर मनुवादी पुलिस और इंटेलिजेंस के लोग गिरफ्तार कर सकते हैं या एनकाउंटर कर सकते हैं I
सिर्फ एक रास्ता है  SC/ST (दलित) सत्ता पर आयें जिससे मनुवाद का नाश हो और इसके बाद ही साजिशें ख़त्म होंगी I
इनको वर्तमान में केवल मायावती के नेतृत्व में  सत्ता में लाया जा सकता है – मुसलामानों को सद्बुद्धि तो समय के साथ आएगी बस उनके खिलाफ साजिशें ख़त्म हों – मनुवाद और संघ का खत्म हो I

Friday, February 3, 2017

वे SC / दलित जो मायावती एवं बसपा विरोधी हैं


उन 25 प्रतिशत इंडियन को जिन्हें संविधान SC कहता है और उनमें से कुछ अपने को दलित कहते हैं और कुछ अपने को मूलनिवासी : आपका लक्ष्य क्या है ? आपका लक्ष्य है मनुवाद और जातिवाद का खात्मा और इसके लिए आप को सत्ता में आना ज़रूरी है और सत्ता में आने के लिए देश भर में चुनाव जीतने और जीतते रहने के लिए आप को धन चाहिए और धन न तो इमानदारी से आता है और न आप के लोग देश विदेश में इतने संपन्न हैं कि आप को चंदा दें और देते रहें I फिर चुनाव में आप को औरों का साथ भी चाहिए 1 सवर्ण 2 पिछड़े 3  मुसलमान  और आप को  बदमाशों बाहुबलियों माफियाओं की भी ज़रुरत पड़ेगी I
फिर अनुभव सिखाएगा कि अनेक सवर्ण से अधिक मनुवादी पिछड़े हो सकते हैं या आप से कुछ जाति ऊपर आप के ही वर्ग के लोग या मुस्लिम : मुलायम, अखिलेश और आज़म खान ज्यादा बड़े मनुवादी हैं किसी मिश्रा से I फिर आप जानेंगे कि मुसलामानों पर भरोसा नहीं किया जा सकता आप को बीच अधर में छोड़ कर कभी कांग्रेस का हाथ थामेंगे कभी सपा का I
पहले आप किसी एक राज्य में सत्ता में आ गए तो आगे आप को धन चाहिए तो सब मिल कर आप को भ्रष्टाचारी कहेंगे आप को रंगे ह्हाथ पकड़ना चाहेंगे स्टिंग ऑपरेशन होंगे और धन कमाने के लिए निर्माण कार्य से बहतर कुछ नहीं और प्रदेश में अपने प्रतीक स्थापित करने से बहतर कुछ नहीं जो इतिहास में हर राजा बादशाह ने किया और जो आप के दबे कुचले लोगों के मन में स्वाभिमान जगाये I
आप को मायावती बनना ही होगा I

Thursday, February 2, 2017

इंडियन पॉलिटिक्स

इंडिया में विभिन्न राजनैतिक वर्गों की स्थिति लगभग इस प्रकार है :
1          सवर्ण : ब्रह्मण ठाकुर बनिया और कायस्थ लगभग 15 प्रतिशत
   2 पिछड़ा वर्ग : लगभग 45 प्रतिशत
   3 दलित एवं आदिवासी : लगभग 25 प्रतिशत
   4 मुस्लिम एवं अन्य :  लगभग  15 प्रतिशत
राजनैतिक सत्ता पाने के लिए कम से कम दो वर्गों का मिलना ज़रूरी है I इंडिया का रोग मनुवाद है और यह रोग पूरे देश को जकड़े हुए है और अपराध, अन्याय और भ्रष्टाचार का शिकार बनाए हुए है I संघ इस को स्थापित किए हुए है और इसका हथकंडा है वर्ग 2 एवं 3 के बीच दुष्प्रचार कर के वर्ग 4 के विरुद्ध नफरत फैलाना और इस प्रकार वर्ग 1 जोकि मनुवादी है उसकी सत्ता बनाए रखना I
वर्ग 4 के कट्टरवादी नेता संभवत: संघ से पैसा पा कर ऐसे बयान देते हैं जिनसे वर्ग 2 एवं 3 को संघ के दुष्प्रचार पर विश्वास करना पड़ जाता है और वे वर्ग 1 की मनुवादी पार्टी भाजपा के वोटर बन जाते हैं I
वर्ग 2 के नेता निकम्मे हैं और अपने वर्ग के विरुद्ध संघ और वर्ग 1 के पिट्ठू हैं I
वर्ग 3 काफी कुछ जागृत है और संघ और वर्ग 1 के हथकंडों से मुक्त हैं I
देश के हित में यह था कि वर्ग 2 और 3 मिल जाते और वर्ग 4 भी उनके साथ हो जाता I इस बात की सम्भावना यथार्थ बन्ने जा रही थी और UP में 1984 के आस पास SP और BSP मिल कर सत्ता में आये थे I पहले मुलायम सिंह यादव 6 महीने के लिए मुख्य मंत्री बने और इस दौरान कांशीराम और मायावती ने वसूली की राजनीती खेली जो बहुत बड़ी गलती थी I इस वसूली और ब्लैकमैलिंग से मुलायम सिंह परेशान हो गए तो उन्हें वर्ग 1 के पुलिस अधिकारियों ने ‘साहब किस्सा ही ख़त्म करा दीजिये’ कह कर उन दोनों की हत्या कराने के लिए आदेश प्राप्त कर लिया – रेस्ट हाउस जहां दोनों कांशीराम और मायावती ठहरे हुए थे उस पर हमला तो किया पर उन दोनों को बचा भी लिया और इस तरह मनुवादी पिछड़ों और दलितों के गठबंधन को आज 31 वर्षों तक असंभव बना गए – देखिये आगे क्या होता है ? क्या कभी पिछड़े दलित और मुस्लिम मिल पायेंगे ?
मानवता का हित इसी में हैं कि तीनों मिल जाएँ और इंडिया से मनुवाद का समूल नाश कर दें I
मुलायम सिंह के पुत्र अखिलेश यादव और बड़े शत्रु निकले – मुसलामानों के विरुद्ध भी काम किये और मनुवादी चालाक पार्टी कांग्रेस से हाथ मिला लिया I
मनुवाद चारों वर्गों को डसे हुए है – वर्ग 1 के लिए अमृत और वर्ग 2 , 3 और 4 के लिए प्राणघातक विष !