Monday, July 31, 2017

इंडिया में विपक्ष का नैतिक क्षय



इंडिया में विपक्ष का नैतिक क्षय
प्रजातंत्र कहने को तो आम लोगों के लिए आम लोगों द्वारा चुनी गयी आम लोगों की सरकार होती है पर वास्तव में पूंजीपती उद्योगपति परिवार उन लोगों को जो चुन कर आते हैं अपने वश में कर लेती है और सरकार पूंजीपतियों उद्योगपतियों के हितों की पूर्ति में लग जाती है I
आज की बात नहीं है पहले से ही किसानों और आदिवासियों की ज़मीन उद्योगपतियों और MNCs को दी जाती रही हैं I
आज ही नहीं पहले भी सरकार की आय का बड़ा हिस्सा पूंजीपतियों को ऋण और सहायता के रूप में दिया जाता रहा है I
आज ही नहीं पहले भी जनता का पैसा जो बैंकों में , इन्शुरन्स में और प्रोविडेंट फण्ड में जमा होता है वह पूंजीपतियों उद्योगपतियों को दिया जाता रहा है I
पर आज यह सब बहुत तेज़ी और बहुत बेशर्मी से किया जा रहा है – नोटबंदी कर के जनता का पैसा बैंकों में जमा करा लिया गया जी एस टी द्वारा अधिक पैसा वसूला जा रहा है I जनता को साम्प्रदायिकता की आग में झोंक दिया गया है और सरकार हिन्दुओं की रक्षक का ढोंग रचने में सफल है मुसलमानों को असुरक्षा की भावना में डाल दिया गया है I
और विपक्ष क्या कर रहा है ? राहुल सोनिया मुलायम लालू मायावती सब पहले ही सत्ता का उपभोग कर के अपना और अपने परिवार को करोड़ों अरबों का लाभ पहुंचा चुके हैं पुख्ता सबूत मौजूद हैं अगर बोलेंगे तो जेल जाना पड़ेगा और संपत्ति भी ज़ब्त हो जायेगी I
नए लोगों को आने की ज़रूरत है जो क़सम खाएं न हराम का खायेंगे और न ब्लैकमेल होंगे और इन पुराने बेईमानों को हट जाना चाहिए और पार्टी की बागडोर अपने परिवार से अलग किसी ईमानदार व्यक्ति को सौंप देनी चाहिए – इसी में देश का भला है ! कम से कम इतनी दश भक्ति तो दिखायं कि अपनी पार्टी की बागडोर अपने परिवार से अलग किसी ईमानदार व्यक्ति को सौंप दें !

एक पूर्ण इंसान जो हिन्दू भी है और मुसलमान भी



मेरे हिन्दू भाइयों – सवर्ण हो या शूद्र या दलित पाप का रास्ता मत चुनो !
किसी बेगुनाह पर हमला न करो किसी बहन का अनादर न करो वरना अनंत काल तक नर्क की आग में जलते रहोगे ! जो तुम्हें उकसा रहे हैं पलट कर उन्हें जूता मारो ! सत्य को स्वीकारो – दुनिया के सारे इंसान एक माँ बाप की औलाद हैं सब बराबर हैं सब आपस में भाई हैं ! इसको मानोगे और नेकी करोगे तो स्वर्ग प्राप्त करोगे ! हर धर्म की पुस्तक पढ़ो किसी का अंधानुसरण न करो अपनी बुद्धि अपने विवेक का इस्तेमाल करो ! लोग धन और सत्ता की हवस में तुम्हारा दुरूपयोग कर रहे हैं – तुम्हें मानव से पशु बना रहे हैं – ऐसा मत होने दो !
मेरे भाई बनो – एक पूर्ण इंसान जो हिन्दू भी है और मुसलमान भी है जिसका रब हर जगह है हर मूर्ति में हर मस्जिद में हर मंदिर में हर इंसान में हर पशु में आकाश में धरती में हवा में वनस्पति में – ऐसा इंसान बनो ! सब की रक्षा करो – हे नारी की हर नर की हर जीव की !

इंडिया में मुसलामानों की रक्षा कौन करेगा ? ......... 13



इंडिया में मुसलामानों की रक्षा कौन करेगा ?   .........  13
(देश के सच्चे हिन्दुओं और मुसलमानों को समर्पित)
आज के इंडिया के मुसलमानों को यह समझ लेना चाहिए कि उनके पूर्वज किसी भी तरह देश के विभाजन के ज़िम्मेदार नहीं हैं बल्कि हकीकत तो यह है कि मुहम्मद अली जिन्नाह हिन्दू मुस्लिम भाईचारे के समर्थक थे और आखिर तक वह यह समझते रहे कि इंडिया एक कॉन्फ़ेडरेशन के रूप में रहेगा जिसके आधीन मुस्लिम बाहुल्य पश्चिमी पाकिस्तान, हिन्दू बाहुल्य भारत और मुस्लिम बाहुल्य पूर्वी पाकिस्तान रहेगा वरना क्या कारण था कि वे पाकिस्तान  दो टुकड़ों के रूप में स्वीकार करते I मुख्य देश के अधिकाँश मुसलमान देश छोड़ना नहीं चाहते थे इसलिए ज़मीन का बटवारा भी इसी लिहाजा  से किया गया था वरना आबादी का पूर्ण बटवारा किया जाता और पाकिस्तान एक बड़ा भू-भाग ले कर बनाया जाता I
पाकिस्तान का बनना एक बड़ी गलती थी और इसका सब से ज्यादा नुकसान मुसलमानों को हुआ I
जो रिफ्यूजी हिन्दू और सिख इंडिया आये उन्हें यहाँ स्वीकार किया गया और पुनर्वासित किया गया I जो मुसलमान पश्चिमी पाकिस्तान गए उन्हें वहाँ महाजिर कहा गया और उपेक्षित किया गया I
जो मुसलमान पूर्वी पाकिस्तान गए उन्हें वहाँ स्वीकार ही नहीं किया गया और वे रिफ्यूजी कैम्पों में ही रहते रहे और उन्हीं की संतानें पश्चिमी बंगाल , असाम और म्यन्मार गयीं जहां हिंसा का शिकार होती रहती हैं मारी भगाई जाती हैं I
पश्चिमी पाकिस्तान ने जो पूर्वी पाकिस्तान के साथ अन्याय और अत्याचार किया बांग्लादेश उसी का नतीजा है I
इन सब खराबियों की वजह हिन्दू नहीं खुद मुसलमान हैं उनका धर्म (गलत व्याख्या के कारण) और उनके लीडर और उलमा ज़िम्मेदार हैं और यही लोग कश्मीर समस्या के भी ज़िम्मेदार हैं – धर्म की गलत व्याख्या , मुस्लिम लीडर और उलेमा I
लेकिन मुख्य देश के हमारे पूर्वज सही थे और उन्होंने यहाँ हिन्दुओं के बीच रहने का सही फैसला किया और सुख से रहे सिवाय दो समस्याओं के एक तो वे धूर्त जो 1920 से दुष्प्रचार करते करते अब सफल हो गए हैं और सत्ता में आ गए हैं और दुसरे वे कट्टर वहाबी सुन्नी मुसलमान जो फिर वे हरकतें कर रहे हैं और वह बयान दे रहे हैं जो संघ और भाजपा को नफरत फैलाने में मददगार हैं I
बटवारा क्यों हुआ और उसका लाभ किस हुआ ?
पहला तो यह ब्रिटिश अमेरिकन पालिसी है कि जहां से हटना पड़े वहाँ ऐसा कुछ कर जाओ कि लोग पनपने न पायें – जर्मनी , कोरिया , विएतनाम हरेक को टुकड़े करते गए I
दूसरे उन कट्टर हिन्दुओ को लाभ मिला जिन्हें शिक्षित संपन्न मुस्लिम परिवारों का पलायन लाभकारी सिद्ध हुआ I
मार्क्सवाद और मजदूर संघर्ष बिखर गया वरना सोवियत सहायता से इंडिया भी लाल हो जाता I
दलित शक्ति कमज़ोर पड़ गयी और डॉ अम्ब्दकर कमज़ोर पड़ गए और उनकी शीध्र मृत्यु से दलित संगठन बिखर गया I
मुसलमानों के रुक जाने से किस को लाभ पहुंचा ?
अगर मुसलमान न होते तो 15 प्रतिशत सवर्ण 45 प्रतिशत शूद्र और 40 प्रतिशत दलित और आदिवासी आपस में शांतिपूर्ण ढंग से रह न पाते और या तो सवर्ण  को अपनी संपत्ति और सत्ता बचाने के लिए तानाशाही या सैन्य शासन का सहारा लेना पड़ता या पुलिस और सेना स्वयं जातियों में बाँट जाती और देश अराजकता हिंसा का शिकार रहता I मुसलमानों का यह देश पर एक और उपकार है कि उनकी वजह से सब कुछ मिला कर कांग्रेस – सवर्ण वर्जस्व सत्तारूढ़ रहा जो ज़बानी मुस्लिम दलित भले की बात करता रहा और फिर 67 वर्षों में यह भी गवारा नहीं हुआ और ‘सब का विकास’ और EVM fixing के प्रपंच से संघ सत्तारूढ़ हुआ और इसका इतिहास एहसान फरामोशी और गद्दारी का इतिहास है I
 ‘ वे बड़ी बड़ी चालें (मकर) चलते हैं लेकिन अल्लाह खैरुल माकिरीन है’       

Sunday, July 30, 2017

मुफ़्ती कासमी, तुम ने फायदा इस्लाम को पहुंचाया या भा०ज०प० को ?



मुफ़्ती कासमी, तुम ने फायदा इस्लाम को पहुंचाया या भा०ज०प० को ?
किसी फ़िरोज़ उर्फ़ खुर्शीद के ‘जय श्री राम’ या ‘वन्दे मातरम ‘ कहने से अल्लाह , रसूल और इस्लाम पर कोई फर्क नहीं पड़ता समझे ना समझ मुफ़्ती ! पर तुम्हारे फतवे से ज़रूर इस्लाम दुश्मन मुसलमान दुश्मन को फायदा पहुंचेगा ! किस को हक है फतवा देने  का ? लानत हो तुम सभी मुफ्तियों को ! अल्लाह गारत करे तुम्हे ! इंतज़ार करो हकीकी वारिसे रसूल के आने का , हम भी मुन्तजिर हैं !     

इंडिया में मुसलामानों की रक्षा कौन करेगा ? ......... 12

इंडिया में मुसलामानों की रक्षा कौन करेगा ?   .........  12
(देश के सच्चे हिन्दुओं और मुसलमानों को समर्पित)
मुस्लिम आक्रमणकारियों और शासकों ने इंडिया में कितना अत्याचार किया इसके निष्पक्ष आकलन की ज़रूरत है – वैसे उन्होंने जो कुछ किया इसके लिए वर्तमान पीढ़ी के मुसलमान किसी तरह गुनहगार नहीं हैं जिस प्रकार आर्यों ने जो कुछ किया उसके लिए आज के सवर्ण  ज़िम्मेदार नहीं हैं और वास्तव में सवर्ण शिक्षित वर्ग के अंदर यही सब भय है जिसके कारण वे शूद्र और दलित के मन में मुसलमानों के प्रति नफरत और हिंसा फैला रहे हैं और उनका संगठन 1920 से सक्रीय है और वर्तमान में सत्तारूढ़ है पर यह रास्ता सही नहीं है इसके बजाय जन मानस को साम्प्रदायिकता और जातिवाद से मुक्त करने की ज़रूरत है अगर यह लोग वास्तव में अपना और देश का भला चाहते हैं I
मुसलमान जब इंडिया में आये तो यहाँ समाजिक आर्थिक न्याय की क्या  स्थिति थी ? समाज में अत्याचार और भेद भाव कितना था ? जनता को अंध विश्वास और रूढ़ियों में कितना जकड़ दिया गया था ?
इंडिया की जो उपलब्धियां  थीं – अध्यात्म , ज्योतिष , आयुर्वेद , गणित , विज्ञान , साहित्य , कला , संगीत और वास्तुशिल्प इन सब की मुस्लिम शासकों ने क़द्र की और इनको संरक्ष्ण दिया I
कुछ नुकसान हुए जब धर्मांध शासकों और सेनापतियों ने किसी चीज़ को – मंदिर , पुस्तकालय या विद्यालय को कुफ्र और शिर्क का अड्डा समझा I
पर कुछ विनाश न्यायोचित भी था – कुछ स्थान शोषण और पाप के अड्डे भी थे जैसे की बताया जाता है कि औरंगजेब के काल में कुछ हिन्दू रानियाँ बनारस के मंदिर में गयीं एक गायब कर दी गयी जो तहखाने में इज्ज़त लुटी मिली तब औरंगजेब के आदेश से वह मंदिर गिराया गया !
उस काल में और जो आक्रमणकारी आते थे वे कितना अत्याचार करते थे और उसके सापेक्ष भी मुसलमान आक्रमणकारियों और शासकों के कार्य को देखना ज़रूरी है – आर्यों ने क्या किया ? सिकन्दर ने क्या किया ? अमेरिका और अफ्रीका में गोरों / ईसाइयों ने क्या किया ? इंडिया में गोरों / ईसाइयों ने क्या किया ?
सब ने पराजित कमज़ोर लोगों को अपने से नीचा समझा पर मुसलमानों ने सब को अल्लाह का बन्दा समझा और जो ईमान ले आया वह बराबर हो गया और भाई हो गया I
मुसलमानों से जो गलती हुयी वह कट्टरवाद में हुयी और कट्टरवाद की वजह यह है कि इस्लाम के इतिहास में कुछ लोगों ने गद्दारी की और रसूल और उनकी आल (वंशज) को नकारा और उन पर ज़ुल्म किया और अगर ऐसा न हुआ होता तो Islam is best religion and Muslims are best people
जिस दिन मुसलमान रसूल और आले रसूल के दुश्मनों का रास्ता छोड़ कर मवाद्दते क़ुर्बा पर आ जायेंगे दुनिया के सामने बहतरीन लोग होंगे और पूरी दुनिया उस दीन  पर ख़ुशी ख़ुशी आ जायेगी I