Wednesday, July 26, 2017

इंडिया में मुसलामानों की रक्षा कौन करेगा ? ......... 8




इंडिया में मुसलामानों की रक्षा कौन करेगा ?   .........  8
(देश के सच्चे हिन्दुओं और मुसलमानों को समर्पित)
वैसे तो दुनिया भर में धर्म के नाम पर बहुत झगड़े हो चुके हैं – यहूदियों ईसाइयों में , ईसाइयों में रोमन कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट में , इंडिया में वैदिक धर्म , बौध धर्म और जैन धर्म में , शैव और वैष्णव में , अभी कुछ वर्ष पूर्व सिख धर्म में अकाली और निरंकारी में पर करीब करीब काफी लोग इन मतभेद से अपने को अलग कर के जीवन जीना सीख गए हैं सिवाए मुसलमानों के – वहाबी , शिया , सुन्नी , कादियानी , बहाई बहुत से मतभेद चल रहे हैं और या तो एक तबके के मुसलमान  दूसरों का अपने देश में पूरी तरह कुचल चुके हैं या उन पर हमले चल रहे हैं I
क्योंकि मुसलमानों ने अभी दिल से ज़िन्दगी जीना नहीं सीखा है – अपना दीन अपने दिल से मानो और दूसरों को उनके दिल से जो चाहे मानें उनके हाल पर छोड़ दो – जिस दिन मुसलमान यह सीख जायेंगे दुनिया में जो उनकी वजह से बदअमनी है वह ख़त्म हो जायेगी I
दीन हमारे दिल हमारी रूह की ज़रूरत है और हमें दीन को दिल से मानना है दिमाग से नहीं – किसी झाँय झाँय, बहस तकरार की ज़रूरत नहीं है – मौलवी और स्कॉलर आम लोगों को इन बातों में उलझा देते हैं I अपने दीन को ख़ुलूस से मानो और अच्छी नेक ज़िन्दगी जियो अगर लोग नेक हैं तो दीन सही है I
हमारे बुजुर्गों ने सही फैसला लिया था जो पूर्वी या पश्चिमी पाकिस्तान नहीं गए और अपने हिन्दू पड़ोसियों क्र बीच रहना पसंद किया I धीरे धीरे मौलवियों और लीडरों ने हमें भटका दिया , राजनैतिक पार्टियों ने हमें मोहरा बना दिया I
अब रुको , ठहरो और देखो हमारी कौन सी बात हमारे पड़ोसी को तकलीफ पहुंचा सकती है :
1 हर मुहल्ले में सिर्फ एक सुन्नी और एक शिया मस्जिद से लाउडस्पीकर पर अज़ान दो
2 गाय काटना खाना बंद करो – जो धूर्त  बीफ एक्सपोर्ट कर रहे हैं या टूरिस्ट को सर्वे कर रहे हैं करे हम अपने को अलग कर लें I मुगल शासन में भी गाय काटने पर पाबन्दी थी I
3 बकरीद भी सलीके से मनायें, कोई गंदगी न हो जिससे किसी को नाराज़गी हो
4 जुमे की नमाज़ , मुहर्रम की मजलिसों जुलूसों से किसी का रास्ता न रुके
आओ एक नेक अच्छे इंसान बने और बनाएँ I

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