हम सबके अन्दर एक
क़ातिल , लूटेरा बलात्कारी मौजूद !
जितनी जल्दी इस
सच को हम स्वीकार कर लें उतना ही अच्छा – और मजहब का काम है कि हमारी ज़िन्दगी पर
यह दरिंदा हावी न होने पाए और हुकूमत का काम है कि समाज में देश में ऐसे दरिन्दे
हावी न होने पायें और जितनी जल्दी इन्हें गिरफ्तार कर के उमर क़ैद दी जाए उतना अच्छा
अफ़सोस कि मजहब के
नाम पर लोग दरिन्दे बनते रहे हैं और ऐसे दरिन्दे उभर कर ऊपर आते रहे हैं
सिकंदर , हलाकू ,
चंगेज़ खान इन सब ने ऐसे ही दरिंदों की फौजें बनाईं और दुनिया रौंदते गए
यहूदी , ईसाई और
मुसलामानों का इतिहास ऐसी ही दरिंदगी से भरा हुआ है
गोरों ने दुनिया
भर में जो दरिंदगी की है वह सब से बढ़ चढ़ कर है
हमारे अन्दर ख़ुदा
का नूर भी है जो हमें दरिंदा बनने से
रोकता है – फैसला अक़ल के हाथ है इसलिए शैतान एक थ्योरी पेश करता है जिससे हम अपने
ज़मीर के खिलाफ दरिंदा बनने को तैयार हो जाएँ
एक रेपिस्ट भी
अपनी शिकार बेक़सूर लड़की को पहले छिनाल चु...... आदि घोषित करता है और तर्क देता है
तभी तो साली ऐसे वक़्त ऐसी जगह अकेली है और ऐसे कपड़े पहने हैं
दिल्ली में रैप
के बाद लड़की को बेदर्दी से मार डाला गया और उसके गुप्तांग में लोहे की सलाख डाल दी
गयी
सब से बुरे वे
लोग हैं जो बुरी थ्योरी बनाते हैं जैसे कि हिटलर ने यहूदियों के खिलाफ थ्योरी बनायी और दुष्प्रचार किया और
ऐसे ही इंडिया में संघ यही काम कर रहा है
गौ रक्षा के नाम
पर हिंसा करने वालों को अगर दण्डित नहीं किया गया तो यह रोग बढ़ कर कल जातिगत हिंसा
और प्रतिशोध का रूप ले सकता है – एक बार मुंह को खून लग जाता है तो ऐसों को दण्डित
करने में ही सब का हित है
जब शासन कमज़ोर
पड़ता है तो ऐसे गुट उभर आते हैं
वहाबी इस्लाम भी ऐसी थ्योरी पेश करता है जिससे दूसरों को काफिर कह कर लूटा जा
सके क़त्ल किया जा सके उनकी औरतों को sex slave बना दिया जाए – दाय्श , तालिबान
बोको हराम इसी गलत सोच का नतीजा हैं भले ही उन्हें अमेरिका और इस्राएल ने खड़ा किया
हो
दूसरों को काफिर देश द्रोही और enemy of people बताने वाले सब से बुरे लोग हैं
और फिर ऐसे संगठन खड़े करने वाले और फिर वे हुकूमतें जो दरिंदों को दण्डित करने के
बजाये पुश्तपनाही करें
मज़हब इंसान को इंसान बनाने के लिए है
मेरे
साथ 1400 वर्ष पूर्व मदीने का सफ़र कीजिये और सच्चे इस्लाम और मोमिनों को पहचानिए
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