Sunday, July 30, 2017

मुफ़्ती कासमी, तुम ने फायदा इस्लाम को पहुंचाया या भा०ज०प० को ?



मुफ़्ती कासमी, तुम ने फायदा इस्लाम को पहुंचाया या भा०ज०प० को ?
किसी फ़िरोज़ उर्फ़ खुर्शीद के ‘जय श्री राम’ या ‘वन्दे मातरम ‘ कहने से अल्लाह , रसूल और इस्लाम पर कोई फर्क नहीं पड़ता समझे ना समझ मुफ़्ती ! पर तुम्हारे फतवे से ज़रूर इस्लाम दुश्मन मुसलमान दुश्मन को फायदा पहुंचेगा ! किस को हक है फतवा देने  का ? लानत हो तुम सभी मुफ्तियों को ! अल्लाह गारत करे तुम्हे ! इंतज़ार करो हकीकी वारिसे रसूल के आने का , हम भी मुन्तजिर हैं !     

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