Wednesday, July 12, 2017

इस्लाम उनके लिए – जिन्हें इस्लाम के नाम से ही चिढ़ है !



इस्लाम उनके लिए – जिन्हें इस्लाम के नाम से ही चिढ़ है !
मुसलामानों की हरकतों की वजह से आज दुनिया की बहुत बड़ी आबादी इस्लाम , अल्लाह , मुहम्मद , कुरान के नाम से ही चिढ़ने लगी है – यह स्थिति अभी कुछ वर्षों से है – सोवियत रूस के विघटन के बाद से ही I
हम सब इंसान एक स्पीशीज हैं और नस्ल जाति  आदि का कोई भेद नहीं है I यह दुनिया पूरी एक है – पहले साम्राज्य थे अब राष्ट्र हैं I आज साइंस और टेक्नोलॉजी इतनी विकसित हो चुकी है कि सारे इंसानों की सभी ज़रूरतें – भोजन , पानी , कपड़ा, मकान , सुरक्षा , ऊर्जा , यातायात और कम्युनिकेशन आदि ग्लोबल स्तर पर मैनेज की जा सकें – आज हुकूमत की नहीं बस एक अच्छे मैनेजमेंट की ज़रुरत है I
इसके बजाये दुनिया को अपराध , भ्रष्टाचार और प्रदूष्ण में ढकेल दिया गया है – एक लूट चल रही है 24 X 365 घंटे – प्राकृतिक संपदाओं की , मुनाफे की , औरतों बच्चों की तस्करी की , और मानव अंगों की लूट भी अब दूर नहीं है !
यह कौन कर रहा है ? 1 % से कम परिवार हैं जिनकी मुट्ठी में दुनिया भर की दौलत और इक्तेदार है – सारी हुकूमतें सारी राजनीति उनकी ही गुलाम है I
अगर कभी दुनिया के 99 % लोग जागें और दुनिया में समानता और समता स्थापित कर दें एक ऐसी दुनिया बना दें जहां सारे इंसानों की सभी ज़रूरतें – भोजन , पानी , कपड़ा, मकान , सुरक्षा , ऊर्जा , यातायात और कम्युनिकेशन आदि पूरी हो सकें – एक ग्लोबल सोशलिज्म स्थापित हो सके तो यही इस्लाम है !
और इस न्याय को हमेशा चलाये रखने के लिए बचपन से यह शिक्षा देने की ज़रुरत है :
1 दुनिया के सारे इंसान एक माँ बाप की संतान हैं
2 उनका रब एक निराकार , करुणाशील दयावान ईश्वर- The God अल इलाहा (अल्लाह) है
3 हम जो भी कर्म करते हैं उसका फैसला एक दिन होगा – जो अच्छा करेंगे वे स्वर्ग में रहेंगे जो बुरा करेंगे वे नरक में रहेंगे
यही शिक्षा 1400 वर्ष पूर्व एक इंसान ने दी थी जिसका नाम मुहम्मद था और जिसके दुश्मन वे सभी लोग हैं – मुसलमान भी और दूसरे भी जो दुनिया में फासिज्म स्थापित रखना चाहते है जिससे एक बड़ी आबादी गुलाम रहे और दुनिया की सारी दौलत और इक्तेदार 1 % परिवारों की मुट्ठी में बनी रहे

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