Sunday, July 23, 2017

इंडिया में मुसलामानों की रक्षा कौन करेगा ? ......... 5



इंडिया में मुसलामानों की रक्षा कौन करेगा ?   .........  5
(देश के सच्चे हिन्दुओं और मुसलमानों को समर्पित)
कोई भी इंसान अगर निराकार ईश्वर पर आस्था / ईमान रखता है तो उसके जीवन में एक संजीदगी एक शराफत एक इखलाक एक इंसानियत आनी चाहिए I अब आप इंडिया के गाँव और शहरो और मुहल्लों में सर्वे कीजिये – निम्न वर्ग और मध्य वर्ग में – आम हिन्दुओं और आम मुसलमानों में – मेरा अंदाजा यह है कि आप को लफंगापन और गुण्डापन मुसलमानों में अधिक मिलेगा I
क्योंकि इंडिया में हिन्दुओं के बीच पीढ़ी दर पीढ़ी अध्यात्मिक मूल्य – आम इंसानों द्वारा कबीर और नानक और अन्य सूफी संतों के माध्यम से प्रसारित हो रहे हैं और मुसलमान इन सब से अलग अपने मौलवी की बात मानता है और मौलवी से उसे अल्लाह की बंदगी के बजाये इस्लाम की बंदगी मिल रही है – कोई इस्लाम को , रसूल की , कुरान को और शियों में उनके उलेमा को बुरा न कहे और जो कहे तो उसकी सजा मौत है !
जब कि हकीकत में इन मुसलमानों और इनके मौलवियों के पूर्वजों ने रसूल और आले रसूल को उनकी ज़िन्दगी में हर तरह की तकलीफ दी I
यह इस्लाम की बंदगी उन खलीफाओं से मिली जो इस्लाम के नाम से दुनिया के दूसरे मुल्कों पर हमले करते रहे और अपने यहाँ के सूफियों को मरवाते रहे I
जो मुसलमान अल्लाह को याद करता रहेगा वह नेक बनेगा और सारे नेक मुसलमान और सूफी इसी रास्ते पर रहे हैं I
जो मुसलमान इस्लाम के बन्दे हैं और दूसरों पर हमले करते हैं दुनिया को उनसे ही नफरत है और ऐसे लोगों की वजह से ही मुसलमान हर जगह असुरक्षित हैं I
जो मुसलमान अल्लाह के बन्दे हैं और नेकी के रास्ते पर हैं दुनिया उनका सम्मान करती है I
इंडिया के मुसलमानों सुरक्षित रहना चाहते हो तो खलीफाओं और वहाबियों का रास्ता छोड़ कर अल्लाह के बन्दे बनो और अमन से रहो ! 
दुनिया के सारे इंसान एक माँ बाप की औलाद हैं – दो नबियों की औलाद हैं हज़रत आदम अ०स० और हज़रत नूह अ०स० – सभी हिन्दुओं को अपना भाई अपने जैसा अपने बराबर समझो – कोई ऊंच नीच नहीं I शायद यहाँ के लोग हज़रत शीश अ०स० की उम्मत हैं और शायद हज़रत ज़ुल्किफ्ल अ०स० कपिलवस्तु गौतम बुद्ध हैं – हकीकत अल्लाह बहतर जानता है I
किसी को भी किसी तबके को काफ़िर मुशरिक कहने का हक़ नहीं – यह फैसला अल्लाह के हाथ जिसे चाहे बख्शे जिसे चाहे सजा दे I
आम हिन्दू की आस्था और धार्मिकता आप से किसी भी तरह कम नहीं बल्कि हिन्दू अध्यात्म तो बहुत ऊंचा है – यह बात अकबर बादशाह और कई बादशाहों शहजादों – खुसरो और दारा शिकोह ने समझी I
न हिन्दू मूर्तिपूजक है – वह मूर्ति सामने रख कर निराकार सर्व व्यापि ब्रह्म की पूजा करता है और अनेक महान सूफी संतों ने इसे ठीक रास्ता समझा I
पहले मुसलमान दिल में सच्चा ईमान लायें – क़ुरान को उसके सही क्रम में पढ़ें – रसूल और आले रसूल से मवद्दत करें और आखिरी इमाम / हिन्दुओं के आखिरी अवतार की नुसरत के लिए तैयार रहें I
दोस्तों इस पैगाम को शेयर कीजिये ताकि दुनिया में अच्छाई की जीत हो !

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