इंडिया के मुसलमानों !
अपनी बक़ा चाहते हो तो हक़ पर आओ I
वहाबियत छोड़ो,
उलेमापरस्ती छोड़ो I उलेमा से इल्म हासिल करो उनका वाजिब एहतराम करो उससे ज्यादा
नहीं I
इमामे वक़्त से तमस्सुक
करो – सोते वक़्त सुबह उठते वक़्त उनकी ज़ियारत पढ़ो
10 बार दुरूद भेजो 11 बार सूरह इखलास पढ़ कर उन्हें हदया करो , उनकी नुसरत
के लिए तैयार रहो I
सारी ज़मीन सारा आसमान
अल्लाह का है मुल्क उसका है I
दुनिया के सारे इंसान
एक माँ बाप की औलाद हैं – दो नबियों की औलाद हैं हज़रत आदम अ०स० और हज़रत नूह अ०स० –
सभी हिन्दुओं को अपना भाई अपने जैसा अपने बराबर समझो – कोई ऊंच नीच नहीं I शायद यहाँ
के लोग हज़रत शीश अ०स० की उम्मत हैं और शायद हज़रत ज़ुल्किफ्ल अ०स० कपिलवस्तु गौतम
बुद्ध हैं – हकीकत अल्लाह बहतर जानता है I
किसी को भी किसी तबके
को काफ़िर मुशरिक कहने का हक़ नहीं – यह फैसला अल्लाह के हाथ जिसे चाहे बख्शे जिसे
चाहे सजा दे I
वोट डालो तो किसी
पार्टी को नहीं – सब पार्टियों में जो बहतर इंसान हो उसे वोट डालो – वोट इंसान को
, पार्टी को नहीं इस तरह पार्टियों के हाथों मोहरा बनने से बचोगे I
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