इंडिया में मुसलामानों
की रक्षा कौन करेगा ? ......... 3
मानव समाज की इकाई
परिवार हैं और दुनिया में और हर देश में लगभग 1 प्रतिशत परिवारों की मुट्ठी में
दौलत और इक्तेदार है और 99 प्रतिशत परिवार आम इंसान हैं जो तंगी और असुरक्षा और
अन्याय के शिकार हैं – दुनिया और देश की सरकारें, पुलिस, सेना , मीडिया और अदालतें
आम परिवारों के लिए अधिक ख़याल रखने को तैयार नहीं है – थोड़ा बहुत जो रूटीन में सही
हो जाए बस उतना ही सही होना है बाक़ी आम परिवारों की किस्मत !
उन 1 प्रतिशत परिवारों
के हितों की रक्षा के लिए उनके पालतू कुत्ते – राजनीतिज्ञों और राजनैतिक पार्टियों
का रूप धर कर हम आम परिवारों को किसी न किसी मुद्दे में उलझाए रखते रहते हैं और आपस में नफरत फैलाते हैं और
गुंडों को पालते हैं और बेक़सूरों पर हमले कराते हैं !
पिछले 70 वर्षों में हम
साइंस, सेकुलरिज्म, डेमोक्रेसी और जुडीसिअरी
पर भरोसा कर बैठे और अब उसी का भुगत रहे हैं !
दौलत और इक्तेदार एक
झूठ है !
साइंस एक झूठ है !
सेकुलरिज्म एक झूठ है !
डेमोक्रेसी एक झूठ है !
जुडीसिअरी एक झूठ है !
दौलतमंद वह है और सत्ता
उसकी है जो अपने रब का सच्चा बन्दा है जो
दुनिया के सारे इंसानों को अपना जैसा अपना भाई समझता है जो धर्म और जाति का भेद
नहीं करता !
वे 1 प्रतिशत परिवार
अपने झूठ पर आस्था बनाए हैं और बाक़ी लोग उनके भ्रमजाल में फँस गए – वे अपने पालतू
कुत्तों को लाख दस लाख का भ्रम देते हैं और वे कुत्ते देश में दुनिया में नफरत
फैलाते हैं और वे हज़ार दस हज़ार का भ्रम गुंडों को दे कर बेगुनाहों पर हमले कराते
हैं !
99 प्रतिशत परिवार कमर
कस लो किसी भारत माँ की बेटी के साथ
दुर्व्यवहार नहीं होने देंगे – दिन रात गश्त करेंगे नज़र रखेंगे बस इतना कर लो देश
में अमन हो जाएगा !
दुनिया के सारे इंसान
एक माँ बाप की औलाद हैं – दो नबियों की औलाद हैं हज़रत आदम अ०स० और हज़रत नूह अ०स० –
सभी हिन्दुओं को अपना भाई अपने जैसा अपने बराबर समझो – कोई ऊंच नीच नहीं I शायद
यहाँ के लोग हज़रत शीश अ०स० की उम्मत हैं और शायद हज़रत ज़ुल्किफ्ल अ०स० कपिलवस्तु
गौतम बुद्ध हैं – हकीकत अल्लाह बहतर जानता है I
किसी को भी किसी तबके
को काफ़िर मुशरिक कहने का हक़ नहीं – यह फैसला अल्लाह के हाथ जिसे चाहे बख्शे जिसे
चाहे सजा दे I
आम हिन्दू की आस्था और
धार्मिकता आप से किसी भी तरह कम नहीं बल्कि हिन्दू अध्यात्म तो बहुत ऊंचा है – यह
बात अकबर बादशाह और कई बादशाहों शहजादों – खुसरो और दारा शिकोह ने समझी I
न हिन्दू मूर्तिपूजक है
– वह मूर्ति सामने रख कर निराकार सर्व व्यापि ब्रह्म की पूजा करता है और अनेक महान
सूफी संतों ने इसे ठीक रास्ता समझा I
पहले मुसलमान दिल में
सच्चा ईमान लायें – क़ुरान को उसके सही क्रम में पढ़ें – रसूल और आले रसूल से मवद्दत
करें और आखिरी इमाम / हिन्दुओं के आखिरी अवतार की नुसरत के लिए तैयार रहें I
दोस्तों इस पैगाम को
शेयर कीजिये ताकि दुनिया में अच्छाई की जीत हो !
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