इंडिया में मुसलामानों
की रक्षा कौन करेगा ? ......... 10
(देश के सच्चे हिन्दुओं
और मुसलमानों को समर्पित)
इस्लाम आने के बाद 1400
वर्ष बीत चुके हैं पर आज भी दुनिया में यहूदी धर्म , ईसाई धर्म और इस्लाम धर्म को
मानने वाले संघर्षरत हैं I विज्ञान और टेक्नोलॉजी का इतना विकास हो जाने के बाद और
मुंह से अपने को atheist या agnostic कहते हैं भी कोई इस संघर्ष से अछूता नहीं है I
इंडिया के हिन्दुओं को
इस हकीकत को समझना चाहिए – तीनों धर्मों का इतिहास ज़ुल्म और जोर ज़बरदस्ती से भरा
हुआ है फिर भी कुछ बारीकियां हैं जो समझनी ज़रूरी है I
यहूदी अपने को य्ह्वह YHWH
द्वारा चुनी हुयी कौम समझते हैं - उनके
समय तक Old Testament में स्वर्ग और नर्क का तसव्वुर भी नहीं मिलता बार बार उन्हें
तादाद में बढ़ाने का और एक ज़मीन जहाँ दूध और शहद की नदियाँ बहती हैं का वायदा किया
जाता है I
Old Testament में ही
झूठे नबियों को सलीब पर सूली देने की सजा है और यहूदियों ने यही सजा ईसा मसीह को
दी जबकि वह अल्लाह के इतने बुलंद मर्तबा नबी थे I
ईसाई इसी वजह से
यहूदियों के दुश्मन थे और यहूदी हर जगह सताए गए मारे गए भगाए गए I
1400 वर्ष पूर्व इस्लाम
आया जिसमें कुरान ने एक बहुत ही पाक और पाकीज़ा तसव्वुर पेश किया – अल्लाह ( अल
इलाहा The God श्री ईश्वर ) का तसव्वुर पेश किया I सारे इंसान एक माँ बाप की औलाद
हैं I अल्लाह ने हर ज़माने में हर कौम में अपने नबी भेजे जिसमें बुलंद मर्तबा
नबियों में नूह Noah (मनु) , इब्राहीम
Abraham (ब्रह्मा) , मूसा Moses, ईसा Jesus थे और इन सब की तस्दीक करने वाले आखिरी
नबी मुहम्मद हैं I
कुरान यह भी बताता है
की ईसा अपनी कुंवारी माँ मरियम Mary के पेट से पैदा हुए लेकिन उनको सलीब पर सूली
नहीं दी गयी अल्लाह ने उनको जिंदा उठा लिया ईसाई लोग शुबह में पड़े हैं I
कुरान में ही असहाबे
कहफ़ का ज़िक्र है 5 या 6 नेक अल्लाह वाले
लोग और उनका कुत्ता जो दुनिया छोड़ कर एक गुफा में चले गए और यह किस्सा पांडवों के किस्से से मिलता जुलता
है I
और धर्मों में जो बातें
वक़्त के साथ खराब रूप ले कर चल रही हैं कुरान में वे सभी बातें अपनी पाकीज़गी के
साथ मौजूद हैं I
यहूदियों और ईसाइयों को
अपना दर्जा गिरता हुआ देखना बर्दाश्त नहीं हुआ और 1400 वर्षों से वे इस्लाम और
मुसलमानों के खिलाफ साज़िश करते आ रहे हैं और उनके साथ वे मुस्लिम परिवार भी हैं
जिन्हें बदले हालात में अपना यहूदी ईसाई चेहरा छुपा कर मुसलमान बनना पड़ा था –
वहाबी सऊदी लोग वही लोग हैं I
इस्लाम की सब से बड़ी
खूबी यह है कि सारे इंसान एक माँ बाप की औलाद हैं और कोई ऊंच नीच या नफरत नहीं है
I लोगों को इस्लाम पर लाने के लिए ‘ईमान लाओ या क़त्ल हो जाओ ‘ की शर्त तो रखी गयी
पर जो ईमान ले आये वे भाई बन गए और जो नहीं लाये क़त्ल किये गए या क़ैद किये गए पर
किसी के हाथ पैर नहीं काटे गए किसी के नाक कान नहीं काटे गए I जबकि ईसाइयों ने यह
सब ज़ुल्म अफ्रीका और एशिया में किये और उन्होंने किसी को अपने बराबर समझा भी नहीं
I
इंडिया में मुस्लिम
आक्रमणकारियों या शासकों ने कितना ज़ुल्म किया कितना इन्साफ किया यह समझने की ज़रूरत है I
इस्लाम भी वास्तव में
अपने इतिहास में ज़ुल्म का शिकार हो गया – रसूल और उनके वंशजों को ज़ुल्म सहना पड़ा
और मुनाफिकों के हाथ में सत्ता आ गयी I सिर्फ शिया मुस्लिम ही सच्चे लोगों दे जुड़े
हुए हैं और आज भी ज़रूरत है कि मुस्लिम अक्सरियत भी अपने सच्चे रहबरों को पहचानें
और उनसे जुड़ जाए तभी दुनिया से ज़ुल्म का खत्म हो पायेगा I
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