सभी भाई जो मानवतावाद मानते हैं आइये मिल कर एक
नए भारत का निर्माण करें
1000 वर्ष पूर्व आने वालों ने यहाँ रहने
वालों को हिन्दू कहा तो आज भी हम मान लेते
हैं कि हम सब हिन्दू हैं संविधान ने देश का नाम भारत और India लिखा है इसलिए हम
भारतीय Indian हैं
जो तुर्क
मुग़ल अँगरेज़ आये थे वह लौट गए और उनकी संतान यहीं कि स्त्रियों से पैदा
हुयीं और अगर पहली पीढ़ी में वे अपनी स्त्रियाँ लेकर आये भी तो अगली पीढ़ी के संतान
यहीं कि स्त्रियों से हुईं तो हम सब भारत
कि नारियों की संतान हैं हम सब भारत कि माताओं कि संतान हैं हम सब भारत माता कि
संतान हैं
अगर तुर्क, मुग़ल और अँगरेज़ न आये होते तो क्या
स्थिति होती ? वही 10 प्रतिशत सत्ता और संपत्ति के मालिक होते और करीब 55 प्रतिशत
नगरों में गुलामी कर रहे होते और 35 प्रतिशत नगरों से बाहर अनार्य होते
या समय के साथ कभी क्रांति होती और वह 10
प्रतिशत सत्ताच्युत कर दिए जाते मार दिए जाते या देश छोड़ कर चले जाते
तुर्क मुग़ल और अंग्रेजों के प्रभाव में धर्म
परिवर्तन करने से समस्या समाप्त नहीं हो गयी बल्कि छुप गयी और आज भी 10 प्रतिशत
सत्ता संपत्ति के मालिक हैं और बाक़ी 55 प्रतिशत और 35 प्रतिशत उसी हाल में हैं
धर्म का मुखोटा चाहे जो भी हो
हमें न धर्म से लड़ना है और न जाति से उन जातियों
या परिवारों से भी नहीं दुश्मनी करनी है जो 5000 वर्षों से आज तक मनुवाद का झंडा
उठाये हुए हैं क्यूंकि धर्म और जाति छाया
हैं और हमे छाया से नहीं लड़ना है
हमे पूरे भारत में स्वतंत्रता समता और बंधुत्व लाना है और इसलिए सभी धर्म और
जाति के मानवतावादी लोगों से एक जुट होने की अपील है
भारत नगरों में है और ग्रामों में है
नगरों में जो भी उद्योग व्यापर और सेवा
कम्पनियाँ हैं वह जिनकी हैं वह अपने उद्योग व्यापर सेवा कंपनियों के बड़ी या छोटी
के चीफ एग्जीक्यूटिव , मेनेजर डायरेक्टर या
ट्रस्टी हैं पर स्वामित्व सरकार ( जनता ) का है
जब इन्हें ज़रुरत पड़ती है सरकार ( जनता ) इन्हें कर्जा देती है , कर्जा माफ़
करती है ज़ाहिर है मालिक सरकार ( जनता ) है
यह अपना मुनाफा लेते रहे हैं टैक्स देते रहें प्रदूषण या कोई जन विरोधी
कार्य करने पर दंड के भागी होंगे उद्योग
व्यापर और सेवा कम्पनियाँ बड़ी या छोटी देश
की वास्तव में बड़ी सेवा कर रहीं है चीजें बना कर और सेवाएं प्रदान कर के और साथ ही
अनेक भाई बहनों को रोज़गार प्रदान कर रही हैं
इसी प्रकार गाँव में सारे खेत और उद्योग बड़े या
छोटे जिनके हैं वे इनके ट्रस्टी हैं और स्वामित्व सरकार ( जनता ) का है सरकार
इन्हें आर्थिक सहायता देगी , बीज देगी खाद देगी सिंचाई के साधन देगी ट्रेक्टर देगी
इसी प्रकार उद्योग पशुपालन और कुटीर उद्योग के लिए सहायता देगी
किसानो से क़र्ज़ वसूली नहीं होगी जिस तरह
उद्योगपतियों के क़र्ज़ माफ़ वैसे ही किसानों के क़र्ज़ माफ़ जिस तरह उद्योग व्यापर और सेवा कम्पनियाँ देश
की सेवा कर रही हैं उसी प्रकार और उससे
बड़ी सेवा किसान कर रहे हैं
जिन राजनीतिज्ञों अधिकारियों के पास बिना उद्योग व्यापर सेवा कृषि
के बिना अपार संपत्ति है वह सरकार ( जनता ) ले लेगी क्यूंकि यह सरकार ( जनता ) का
है और इसी प्रकार मंदिरों में जो अपार संपत्ति है वह सरकार ( जनता ) की है और
उसमें से कुछ सरकार ( जनता )ले लेगी और इस धन से गाँव के परिवारों का कल्याण किया
जायेगा उन्हें स्वतंत्रता समता और बंधुत्व प्रदान किया जाएगा उनकी ग़रीबी और अपमान
को समाप्त किया जायेगा
हर गाँव में ग्रामवासी एक स्त्री को अपना कल्याण
मंत्री चुनेंगे और यह स्त्री गाँव के हर परिवार के लिए जिस चीज़ कि आवश्यकता है – कृषि
या उद्योग के लिए इसका आकलन करेगी
जिस तरह मैनेजमेंट का डिप्लोमा होता है वैसे ही
हाईस्कूल के बाद ग्रामीण क्षेत्र के लड़के लड़कियों को 4 वर्ष का डेवलपमेंट में
डिप्लोमा कराया जाएगा
अपनी पुस्तक Mission Indian में मैंने इसका
वर्णन किया है :
The boys and girls who have passed high
school through State sponsored common examination may be selected on merit
basis to pursue 4 years development professional graduates. Such institutes
must be opened in rural and tribal area and perhaps four or five may be enough
in each State. The candidates will study agriculture, sociology, veterinary
medicine, medicine and community health and family planning, banking and
insurance, engineering, Indian Constitution, Human Rights, and such other
subjects that will make them able to develop their native Mega-village. They
will be tutored with spirit of Indianness and with Human Rights values that
every child should have opportunities to rise in his or her field of interest
and aptitude and the right to marry person of his or her choice with mutual
consent. Such development graduates will bring out all round development in
their Mega village from opening of cottage industries, banking, insurance,
opening of schools and health centres, alternative energy sources, safe water
supply, construction of toilets and so on.
इन लड़के लड़कियों को ब्लाक में नियुक्त किया जायेगा Assistant
Village Development Officer के रूप में हर एक को 5 गाँव एलाट किये जायेंगे इस
प्रकार सप्ताह में एक बार एक गाँव में जा कर वहां की कल्याण मंत्री की सहायता
करेंगे और डेटाबेस तयार करेंगे और ऑनलाइन हर परिवार के लिए किये गए उपाय दर्ज
करेंगे एक ब्लाक में अगर 100 गाँव हैं तो
ऐसे 20 लड़के लड़कियां हर ब्लाक में नियुक्त किये जायेंगे और फिर समय के साथ यह ब्लाक
के Village Development Officer और फिर जिले के District Village Development
Officer बनेंगे गाँव के कल्याण मंत्री से लेकर ऊपर तक direct fund ट्रान्सफर राज्य
सरकार करेगी
हर गाँव में बिजली सड़क पानी पहुंचेगा और सभी को
सचेत कर दिया जायेगा कि किसी ग्रामवासी के साथ ऊंच नीच और अपमान करने पर कठोर सजा
और गाँव से निष्कासन कर दिया जाएगा
सुरक्षा सम्मान पुलिस भी
गठित कि जाएगी स्वेच्छा से कि गयी शादी का
विरोध करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी और ऐसा भारत जहाँ हर स्त्री पुरुष
समान हैं यथार्थ किया जाएगा
No comments:
Post a Comment