बात सिर्फ यह नहीं है कि अभी नोटबंदी हुयी है फिर इमरजेंसी लगेगी फिर आरक्षण
ख़त्म हो जायेगा फिर मुसलमानों के खिलाफ कुछ किया जाएगा ।
भले ही फ़ासिस्ट अपनी चालों में नाकामयाब हो जाएँ
लेकिन असली मिशन अधूरा नहीं रह जाना चाहिए ।
सारे इंसान हमारे
भाई है – दूर दराज़ गाँव के हर मर्द औरत बच्चे तक यह बात पहुंचनी चाहिए कि हम सब
बराबर हैं किसी के अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए सब को इन्साफ मिलना चाहिए सब को आगे बढ़ने का मौक़ा मिलना चाहिए ग़रीबी दूर
होनी चाहिए सब को रोज़गार के मौके मिलने चाहिए ।
आर्य सवर्ण बन गए हैं । शूद्र पिछड़ी जाति कहलाते हैं
जिनमें यादव कुर्मी जाट आते हैं और जिन्हें अछूत या चंडाल कहा गया था वह दलित
कहलाते हैं इनमें धोबी चमार पासी आते हैं । दलितों को तो काफी कुछ बहुजन समाज
पार्टी ने जागृत कर दिया है पर कुछ दलित अब भी मनुवादियों के चंगुल में हैं ।
यादवों को समाजवादी पार्टी ने जागृत कर दिया है । बाकी पिछड़ी जातियां मनुवादियों के चंगुल में हैं शिव सेना
, बजरंग दल में यही हैं और इन्हीं को मनुवादी इस्तेमाल करते हैं मुसलमानों और
ईसाईयों पर हमला करने के लिए । इनको यह पाठ पढाया जाता है कि सिर्फ वह राष्ट्र
भक्त हैं और मुसलमान और सेक्युलरिस्ट कांग्रेस समाजवादी आम आदमी पार्टी यह सब देश द्रोही हैं ।
अब यह समस्या है कि
पिछड़ी जातियों कि आँख कैसे खुले और कैसे वह जाने कि उनके दुश्मन सदियों से यही
मनुवादी हैं और मुसलमान इसाई सेक्युलरिस्ट सब सच्चे देश भक्त हैं ।
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