Monday, November 14, 2016

2 भारत और नफरत का धर्म गुरु



नफरत की राह चलने वालों ने जातिगत और साम्प्रदायिक नफरतों से बढ़ कर अब दो भारत बना दिए
एक भारत है गोरे भारतवासियों  का - NRIs , अम्बानी अदानी मल्लया और सभी काले धन वालों का
दूसरा भारत है कालों का ग़रीब किसान मज़दूर बेरोज़गार और सभी आम भारतियों का जिन्हें वह घोटालेबाज़ कहता है।
शुरू में यह उम्मीद की गयी थी की  NRIs अपना धन देश के विकास पर लगाए गे पर फिर एक नया दर्शन एक नयी कहानी बनी   चींटों की जो शक्कर चाहते है reservation चाहते है   यह सब निकम्मे हैं   और दुसरे हैं टिड्डे जो अपनी मेहनत से आगे बढे विदेश गए देश का नाम किया  अब वह अपना धन देश के इन निकम्मो पर क्यों लगाए।
तो यही संघ का और उसका नया धर्म बना    NRIs  से प्रेम  और यहाँ के कालों से नफरत। 
जबकि यहाँ रह कर हम ने देश और परिवार की सेवा की देश को 21 वी  शताब्दी में ले आये।  एपीजे अब्दुल कलाम  NRI  नहीं थे।  अम्बानी अडानी के कर्ज़े माफ़ हो रहे हैं   बैक डोर से काला धन नए नोट में बदला जा रहा है   और परेशान जनता पर वह हँस  रहा है NRIs हँस रहे हैं तालिया बजा रहे हैं।  शादी की बात कर रहा है  बिमारी आपरेशन  मौत की बात छुपा गया।  सुनिये नफरत के धर्म गुरु को

https://www.facebook.com/permalink.php?story_fbid=167918833672528&id=100013632367920&comment_id=168558100275268&reply_comment_id=168674350263643&notif_t=feed_comment_reply&notif_id=1479124779425761

No comments:

Post a Comment