Friday, June 9, 2017

ईरान पर आतंकवादी हमले का मकसद


आतंकवाद का मकसद आतंकित करना होता है और दुनिय भर में ईरान को और शिया कौम को आतंकित किया ही नहीं जा सकता – 1400 वर्षों से ज़ुल्म का शिकार शिया कौम अपने मुक़द्दस रसूल और आले रसूल के गम को गम समझती है अपने गम को गम नहीं I
हमला करने वाले सुन्नी मुसलमान थे और जब ईरान कार्यवाही करेगी तो कई सुन्नी पकड़े जायेंगे और सजाए मौत पायेंगे – बस यही मकसद है आतंकवादी हमलों के  पीछे छुपे मुनाफिकों का – सुन्नी उनके साथ हो जाएँ – दुनिया भर के सुन्नी सऊदी के पीछे वहाबी बन जाएँ और इस्लाम कमज़ोर हो जाए मुसलमान तबाह हो जाएँ !
सुन्नी मुसलामानों , अहलेबैत अ०स० का दामन पकड़ो , अरब को वापस अरब बना दो सऊदी हुकूमत ख़त्म करो , रसूल के वक़्त जो मदीने में इस्लाम था उस इस्लाम पर आओ !

वहाबी और सऊदी रसूल के दुश्मनों की नस्ल के लोग हैं खबरदार हो जाओ  

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