आतंकवाद का मकसद आतंकित करना होता है और दुनिय भर में ईरान
को और शिया कौम को आतंकित किया ही नहीं जा सकता – 1400 वर्षों से ज़ुल्म का शिकार
शिया कौम अपने मुक़द्दस रसूल और आले रसूल के गम को गम समझती है अपने गम को गम नहीं
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हमला करने वाले सुन्नी मुसलमान थे और जब ईरान कार्यवाही
करेगी तो कई सुन्नी पकड़े जायेंगे और सजाए मौत पायेंगे – बस यही मकसद है आतंकवादी
हमलों के पीछे छुपे मुनाफिकों का – सुन्नी
उनके साथ हो जाएँ – दुनिया भर के सुन्नी सऊदी के पीछे वहाबी बन जाएँ और इस्लाम
कमज़ोर हो जाए मुसलमान तबाह हो जाएँ !
सुन्नी मुसलामानों , अहलेबैत अ०स० का दामन पकड़ो , अरब को
वापस अरब बना दो सऊदी हुकूमत ख़त्म करो , रसूल के वक़्त जो मदीने में इस्लाम था उस
इस्लाम पर आओ !
वहाबी और सऊदी रसूल के दुश्मनों की नस्ल के लोग हैं खबरदार
हो जाओ
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