किसी मुसलमान को दुनिया के किसी भी मुल्क की किसी भी हुकूमत
से कुछ माँगना एक अजीब सी बात है क्योंकि मुस्लमान तो जो कुछ मांगेगा अपने अल्लाह
से मांगेगा I
इस देश में एक कश्मीरी मुस्लिम ने सबसे बड़े इम्तेहान आई०ए०एस०
में सेकंड टापर आ कर यह दिखा ही दिया और इस देश में जाने कितने मुसलमान डॉक्टर
इंजिनियर अधिवक्ता हैं और सेना और पुलिस में हैं Iऔर अपना कारोबार कर रहे हैं और पूरी दुनिया
खुली है उनके लिए I
कौम की खराबी तो यह है कि मुसलमान पढ़ते नहीं हैं और महनत से कोई काम करते नहीं हैं क्योंकि उनके
मौलवियों ने जन्नत उन्हीं के लिए मखसूस करा दी है तो उन्हें चंद दिन की दुनियावी
ज़िन्दगी में क्या ज़रुरत है पढने और महनत करने की I
अब जो लोग मुस्लिम आरक्षण की बात कर रहे हैं वे सिर्फ
मनुवादियों – कांग्रेस और भाजपा के इशारों पर नाचने वाले बंदर हैं उन्हें शायद
मुसलामानों से कोई हमदर्दी नहीं है I
मुल्क का हिन्दू मुसलमान में बाँटना मनुवादियों को फायेदा
पहुंचाता है और मुसलामानों को नुकसान और इसी का नतीजा है कि बेगुनाह मुसलामानों के
कातिल सत्ता पर आसीन हैं I
क्या है यह मुल्क ? धरती के इस भूभाग का नाम हिन्द या
इंडिया है और इसमें रहने वाले हिंदी/ हिन्दू/ इंडियन हैं I ब्रिटेन और अमेरिका
मुल्क के नाम हैं और ब्रिटिश और अमेरिकन रहने वालों के नाम हैं I
इन मुल्कों का नाम ब्रिटिशलैंड या अमेरिकन लैंड नहीं है और
न रहने वालों का नाम ब्रिटिशलंडियान या
अमेरिकालंडियान नहीं है I
हिन्द से हिन्दू कहलाये बस बात यहीं ख़त्म हो जाती है –
हिन्दुस्तान और हिन्दुस्तानी निरर्थक शब्द हैं जिनका प्रयोग कर के मनुवादियों ने
अपने को हिन्दू कह कर हिंदुस्तान को अपना मुल्क बना लिया I
हर कोई बाहर से आया है- मानव विकास अफ्रीका में हुआ था वहाँ
से अलग अलग समय में लोग और जगह फिर और जगह जाते रहे – मनुवादी तो बहुत बाद में आये
फिर मुस्लिम और फिर ब्रिटिश I
अगर कोई सच्चा मुसलमान है
तो उसे 5000 वर्षों से ज़ुल्म और ना-इंसाफी के शिकार इंसानों के लिए खड़ा होना चाहिए,
न कि मुसलामानों की बात कर के मनुवादियों को फायेदा पहुंचाने के I
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