Sunday, January 22, 2017

Radical Islamic Terrorism : कौन ज़िम्मेदार है ?

यूरोप और अमेरिका को खुली ज़िन्दगी जीने के लिए जन्नत समझ कर मुस्लिम देशों और इंडिया के पढ़े लिखे संपन्न लोग वहाँ गए थे I हॉलीवुड की ऐक्ट्रेसेज जो बड़ी आसानी से अपने स्तन खोल दिया करती थीं और बहुत गहरा लम्बा चुम्बन लेती लिवाती थीं और बाद में तो फिल्मों में सेक्स दृश्य और वास्तविक सेक्स भी करवाने लगीं I न्यूड क्लब के बारे में सुना और तस्वीरें देखीं I
लेकिन शायद जब गोरों के नस्लवाद का धचका लगा होगा तो चकरा  कर रह गए होंगे I   
बस अपनों में रहो ! और जो लोग हैं वे असली गोरे नहीं हैं मिश्रित नस्ल की औरतें हैं , टूटे परिवारों से हैं विश्व युद्ध के शरणार्थी हैं – और ऐसी औरतों से धन दे कर कुछ भी कराया जा सकता है – सारी खुली ज़िन्दगी और जन्नत उनके शोषण पर आधारित है और अगर तुम उस जन्नत में दाखिल होना चाहते हो तो दारू पियो, पोर्क खाओ और अपनी बीवी बेटियों को लाओ- एक हाथ लो , एक हाथ दो !
यूरोप और अमेरिका के वास्तविक सफलताओं – विज्ञान और टेक्नोलॉजी में यह मुसलमान आगे बढ़ न सकजे और न वापस अपने मुल्क आ कर उसे विज्ञान और टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ा  सके I जबकि रूस चीन और जापान ने अपने को यूरोप और अमेरिका के बराबर कर लिया और उससे आगे भी बढ़ गए I
उधर 18वीं शताब्दी में उभरे कट्टर इस्लाम में इनके मुल्क घिर गए – 1920 के बाद मॉडर्न मुस्लिम मुल्क तेल से प्राप्त दौलत से फ़ासिस्ट होते गए और कट्टर इस्लाम का मुखोटा पहन लिया I
वे मुसलमान जो न गोरों के नस्लवाद को समझ सके कुरान और इस्लाम को भी न समझ सके !
न कुरान में है कि दाढ़ी रखो और न कुरान में है कि औरत बिना महरम ( पिता, भाई, पति और पुत्र ) के घर के बाहर निकले पर इन्होने इसी को इस्लाम बना लिया और अब तेल की दौलत से दूसरों के बनाए हथियारो से दुनिया में अपना गलत इस्लाम स्थापित करना चाहते हैं और अमेरिका के प्रेसिडेंट ने इसी रेडिकल इस्लामिक टेररिज्म को धरती से मिटाने की बात कही है तो गलत क्या है ?   
बेअक्ल मुसलामानों इस्लाम  तो तुम समझे ही नहीं !
दुनिया के सारे इंसान एक माँ बाप की औलाद है तो क्या तुम ने नेटिव अमेरिकंस और ब्लैकस को अपना भाई समझा ? क्या तुम ने इंडिया में दलित को अपना भाई समझा ?
सारी कायनात अल्लाह की है तो क्या हर पल होने वाली प्राकृतिक संपदाओं की लूट को गलत समझा ?
क्या तुम ने दुनिया से गुलामी, गरीबी बेरोज़गारी दूर करने को इस्लाम समझा ?

नहीं समझा तो बार बार मतलब समझ कर कुरान पढ़ो या अपने ही दिल में झाँक कर देखो !                  

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