हिन्द या इंडिया के कुछ
मुसलमान सोचते हैं कि वामपंथी या मार्क्सवादी क्योंकि धर्म या ईश्वर को नकारते हैं
इसलिए वे संघ की साजिशों से मुसलामानों के मददगार हो सकते हैं ! जब कि सच्चे
मुसलमान को सिर्फ अल्लाह से मदद मांगनी चाहिए !
मार्क्सवाद यूरोप की
समस्याओं का हल हो सकता है जहाँ औद्योगिक क्रांति का लाभ उद्योगपतियों ने अपनी जेब
में रखा और मजदूर को उसका लाभ पहुँचने नहीं दिया I
यूरोप वालों ने मजदूरों को
लूटा नहीं , औरतों का बलात्कार नहीं किया उनकी झोंपड़ियों को जलाया नहीं I उन्हें
नंगे बदन नन्हीं किया उनकी औरतों को सीना खुले रखने को मजबूर नहीं किया I
इंडिया का हाल अमेरिका की
तरह है जहाँ गोरों ने नेटिव अमेरिकंस को भूमि विहीन और संपत्तिविहीन किया और
गोलियों से भून डाला और ब्लैकस को दास बनाया उनकी औरतों की इज्ज़त लूटी और आज भी
गोरा पुलिस वाला निर्दोष निहत्थे ब्लैक को गोली मार देता है और गोरा जज हत्यारे को
निर्दोष कह कर छोड़ देता है I
वामपंथी पार्टियों पर भी
मनुवादियों का क़ब्ज़ा है और इनका हाल पढ़ना हो तो बांग्लादेश की तसलीमा नसरीन की
नावेल ‘लज्जा’ पढ़िए जब वहाँ अल्पसंख्यकों पर ज़ुल्म हो रहे थे और अपाहिज डॉक्टर बाप
की बेटी को गुंडे घर से अगवा कर ले जाते हैं और बेचारी माँ मदद के लिए वहाँ के
मार्क्सवादियों के पास जाती है तो वे मुंह फेर लेते हैं I
यहाँ के मनुवादियों ने
ट्रैम्प को और अमेरिका के मनुवादियों ने ट्रम्प को इसी लिए सत्ता में बिठाया है कि
अन्याय के विरुद्ध आवाज़ को कुचला जा सके I
मुसलामानों का फ़र्ज़ है की
यहाँ और वहाँ हर जगह कुचले दबे लोगों का साथ दें अपनी न सोचें I
मुस्लिम देशों में जो
मनुवादी तबका है और जो वहाँ का संघ है उसको भी तो पहचानें जिन्होंने इस्लाम को ही फासिज्म
बना दिया है – सऊदी हो या ईरान I
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