तो आप कब तक शैतान को
जिताते रहेंगे !...........3
( इंडिया , पाकिस्तान
और बांग्लादेश के सच्चे हिन्दुओं और सच्चे मुसलमानों को समर्पित )
जैसा कि हम ने पिछले दो
लेखों में देखा कि प्रकृति ने तो हमें जीवन चलाने के लिए भूख और स्वाद और कामेक्षा और यौन आनंद दिया और कैसे शैतान
के बहकावे में आ कर हवस , ज़ुल्म और घिनौनापन इनमें शामिल हो गया और हम ने देखा
दुनिया के 1300 खरबपति और उनसे जुड़े लोग ‘शैतान के पुजारी’ हैं – तो यह बात किसी
भावनावश नहीं कही गयी है – वास्तव में हम इंसानों के मस्तिष्क उपासना के लिए wired
हैं – अगर हम ईश्वर को याद नहीं करेंगे और उसकी उपासना नहीं करेंगे तो एक दिन हम
या हमारी संतानें भटक कर शैतान की उपासना में ही जा कर ठहरेंगीं I
आज जो दुनिया के
अधिकाँश लोग आस्था और धर्म छोड़ चुके हैं वही मुसलामानों और इस्लाम की दुश्मनी में
आगे आगे हैं – इसीलिए यह लेख सच्चे हिन्दुओं को भी समर्पित किया गया है I
इस दुनिया का सत्य क्या
है ? वायु , जल और धरती और यह चीजें किसी व्यक्ति या परिवार की मिलकियत नहीं हो
सकतीं – संसार के हर जीव को रहने और उपयोग का अधिकार है - शैतान ने पहले हमें और जीवों के प्रति निर्दयी
बनाया और फिर उन लोगों के प्रति जो आदिवासी , मूल निवासी हैं या हमारे जैसे चालाक
नहीं हैं I
प्राकृतिक संसाधनों को
उपयोग कर के अपनी बुद्धि ज्ञान और श्रम का उपयोग कर के ऐसी दुनिया बनानी चाहिए थी
जिसमें हर एक के लिए काम हो और कोई भूखा , नंगा और बेघर न रहे I
पर हम ने दौलत बनायी –
सोना , चांदी , हीरे , जवाहरात जिन्हें कोई अपने घर में रखे , तहखाने में रखे या
बैंक में क्या फर्क पड़ता है ? कागज़ की करेंसी या बैंक अकाउंट में लिखीं संख्याएं –
क्या मिला हमें ?
इनके लिए शैतान के
पुजारी – मंहगाई , कहत , युद्ध , दंगे , आतंकवाद और अलगाववाद कराते हैं और
विनाशकारी अस्त्रों को बना कर बेच कर विनाश करवाते हैं I
शैतान विनाश करवाता है
तो आप कब तक शैतान को
जिताते रहेंगे !...........
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