वन्दे मातरम् !
किसी का दूसरों से यह कहना कि यह गाओ या वह गाओ और अगर नहीं
गाते तो तुम देश द्रोही हो यह भी गलत है !
और यह भी गलत है कि कोई यह कहे यह न गाओ और वह न गाओ और अगर
गाते हो तो काफिर हो यह भी गलत है !
क्या यह देश हमारी माँ नहीं है ? क्या यह धरती हमारी माँ
नहीं है ? हमारा शरीर यहाँ की मिटटी पानी और हवा से बना है और यह भी वैज्ञानिक
सत्य है हर जीव की हर कोशिका उसकी माँ की कोशिका से ही बनी है I हम अपनी माँ को
प्यार करें उसके पैरों पर सर रखें उसका सिजदा करें यह सब मुहब्बत है और मुहब्बत
हमेशा सही होती है I हमारा राष्ट्र गान और हमारा राष्ट्रीय गीत हमारी धरती माँ का
वर्णन करता है – इसके भू भाग इसकी नदियाँ , इसका प्राकृतिक सौन्दर्य I हमें इनसे
प्यार है और हम इसको सिजदा करते हैं और प्यार से कहते हैं ‘वन्दे मातरम् !’
कुछ गाओ या न गाओ का विवाद क्यों मुद्दा बन जाता है अगले ई
मेल में
अगर उपरोक्त से सहमत हैं तो कृपया अपने सभी कॉन्टेक्ट्स को
ई मेल फॉरवर्ड करते रहें और देश समाज के
उत्थान में सहयोग करते रहें I
No comments:
Post a Comment