Tuesday, August 22, 2017

वन्दे मातरम् !

वन्दे मातरम् !
किसी का दूसरों से यह कहना कि यह गाओ या वह गाओ और अगर नहीं गाते तो तुम देश द्रोही हो यह भी गलत है !
और यह भी गलत है कि कोई यह कहे यह न गाओ और वह न गाओ और अगर गाते हो तो काफिर हो यह भी गलत है !
क्या यह देश हमारी माँ नहीं है ? क्या यह धरती हमारी माँ नहीं है ? हमारा शरीर यहाँ की मिटटी पानी और हवा से बना है और यह भी वैज्ञानिक सत्य है हर जीव की हर कोशिका उसकी माँ की कोशिका से ही बनी है I हम अपनी माँ को प्यार करें उसके पैरों पर सर रखें उसका सिजदा करें यह सब मुहब्बत है और मुहब्बत हमेशा सही होती है I हमारा राष्ट्र गान और हमारा राष्ट्रीय गीत हमारी धरती माँ का वर्णन करता है – इसके भू भाग इसकी नदियाँ , इसका प्राकृतिक सौन्दर्य I हमें इनसे प्यार है और हम इसको सिजदा करते हैं और प्यार से कहते हैं ‘वन्दे मातरम् !’
कुछ गाओ या न गाओ का विवाद क्यों मुद्दा बन जाता है अगले ई मेल में
अगर उपरोक्त से सहमत हैं तो कृपया अपने सभी कॉन्टेक्ट्स को ई मेल  फॉरवर्ड करते रहें और देश समाज के उत्थान में सहयोग करते रहें I

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