Sunday, August 6, 2017

पढ़े लिखे शियों से ख़ुम्स और ज़कात के बारे में साफ़ साफ़ बातें



पढ़े लिखे शियों से ख़ुम्स और ज़कात के बारे में साफ़ साफ़ बातें
अभी व्हाट्सएप्प पर एक विडियो देखा जिसमें एक शिया मौलवी यह बता रहे थे बिना ख़ुम्स निकाले आप की कोई इबादत कुबूल नहीं होगी क्योंकि अगर आप नमाज़ पढ़ते हैं और ख़ुम्स नहीं निकाला था तो आप का लिबास भी मुबाह नहीं है लिहाज़ा नमाज़ कुबूल नहीं होगी I
क्या ख़ुम्स मौलवियों की ज़ाती आमदनी बढ़ाने के लिए है कि हर मौलवी कुछ खुशहाल शियों को पकड़ ले और उनसे ख़ुम्स की बात कर के अपनी आमदनी बढ़ा ले ?
RSS में उनके सदस्य दुनिया भर से हर वर्ष कुछ राशि नियमित रूप से देते हैं तो ऐसा ही एक संगठन बनाइये और फिर उसकी आमदनी से कौम की भलाई की ज़िम्मेदारी निभाइए – हर एक को मालूम हो कि उसके एरिया के फलां मौलवी ज़कात और ख़ुम्स लेंगे और रसीद देंगे
1 बेवाओं यतीमों की भलाई
2 तालीम
3 रोज़गार
4 शादी में मदद
5 बीमारी में मदद
6 मय्यत में मदद
7 स्कूल कॉलेज खोलना
8 अस्पताल खोलना
9 कारखाने खोलना
10 मस्जिदों इमामबाड़ों की मेंटेनेंस
और वक़्त आये तो सेना तैयार करना
आप उलेमा यह सब करिए हम दुनियादार लोग अपना कॉन्ट्रिब्यूशन देंगे !

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